
एक्सीलेंस स्कूल के छात्र छात्राओं ने शिक्षक पर लगाए अभद्र व्यवहार करने और हिटलर शाही के आरोप
एबीवीपी को अगुआई में विद्यालय के गेट के सामने किया प्रदर्शन, शिक्षक को सस्पेंड करने की रखी मांग, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
संदेश जगत कटनी। विजयराघवगढ़ एक्सीलेंस स्कूल के एक शिक्षक पर छात्र, छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप लगे हैं। शिक्षक के बुरे बर्ताव से परेशान छात्र, छात्राओं ने एबीवीपी की अगुआई में स्कूल के गेट के सामने जमकर प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एसएफ जिला संयोजक तरुण पांडे, छवि ताम्रकार आदि की अगुआई में प्रदर्शन कर रहे छात्र, छात्राओं ने आरोप लगाया कि शिक्षक गोविंद पाटकर द्वारा छात्राओं के साथ गलत व्यवहार किया जाता है। आरोप हैं कि शिक्षक गोविंद पाटकर द्वारा कई बार छात्राओं के साथ अभद्रता की गई। वहीं एक छात्र द्वारा यह भी बताया गया कि उक्त शिक्षक द्वारा उसे विगत दिवस जूते से मारा गया है। शिक्षक के दुर्व्यवहार से तंग छात्र छात्राओं ने आखिरकार विरोध का रास्ता इख्तियार कर लिया। बड़ी संख्या में एकत्र होकर छात्र, छात्रा उक्त शिक्षक के खिलाफ नारेबाजी करने लगे और शिक्षक को सस्पेंड करने की मांग की। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एसएफ जिला संयोजक तरुण पांडे का कहना था कि छात्र, छात्राओं के साथ अन्यायपूर्ण और अभद्र व्यवहार करने वाले शिक्षक के विरुद्ध सख्त कार्यवाही होना चाहिए। इस बीच बीईओ एके कोरी, थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक चौबे भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे छात्र छात्राओं को समझाइश देने का प्रयास किया। वहीं छात्र, छात्रा कार्यवाही की मांग पर अड़े रहे। देर तक चले प्रदर्शन के बाद एसडीएम के ज्ञापन सौंपा गया और कार्यवाही की मांग के साथ ही छात्र छात्राओं ने प्रदर्शन समाप्त किया। ज्ञापन के माध्यम से कहा गया है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विजयराघवगढ़ इकाई के संज्ञान में यह मामला आया है कि शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, विजयराघवगढ़ के एक शिक्षक द्वारा छात्राओं के साथ कथित रूप से अमर्यादित व्यवहार किया जा रहा है तथा छात्राओं के साथ अनुचित स्पर्श किया जाता है। यदि ये आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो यह अत्यंत गंभीर एवं निंदनीय विषय है, क्योंकि इससे विद्यार्थियों की सुरक्षा, सम्मान एवं विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। विद्यालय विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं विश्वासपूर्ण स्थान होना चाहिए। ऐसी शिकायतों से
विद्यार्थियों एवं अभिभावकों में भय और असुरक्षा की भावना उत्पन्न होती है। अतः इस पूरे मामले की निष्पक्ष
एवं त्वरित जांच कराई जाना आवश्यक है।.यदि जांच में आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध प्रचलित कानून एवं विभागीय
नियमों के अनुसार कठोर वैधानिक एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
विद्यालय में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं तथा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए।
यदि समस्या का निराकरण तीन दिवस के अंदर नहीं किया गया तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उग्र
आन्दोलन के लिए बाध्य होगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।









