
पहले 25 फुट किया चिह्नित, अब 18 फुट पर संतुष्ट, किसके आदेश पर हो गया खेल, पीड़ित ने मांगा मुआवजा

संदेश जगत, विजयराघवगढ़। नगर परिषद द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही जो शुरू की गई है वह कहीं न कहीं सवालों के घेरे में है। एक तरफ तो हाईकोर्ट के आदेशों की दुहाई देकर अतिक्रमण तोड़ने की कार्यवाही नगर परिषद द्वारा की गई है तो वहीं हाई कोर्ट ने कितने फुट अतिक्रमण तोड़ने के आदेश दिए थे यानी रोड के मध्य से दोनों किनारों तक कितने कितने फुट अतिक्रमण तोड़ना था यह स्पष्ट नहीं है। पूर्व में नगर परिषद द्वारा 25, 25 फुट अतिक्रमण हटाने का फरमान जारी किया गया था लेकिन अचानक हो 18 फुट अतिक्रमण तोड़ने का निर्णय कर दिया गया, जिससे यह कार्यवाही महज रश्मअदायगी ही प्रतीत हो रही है, तो दूसरी ओर यह कार्यवाही दोषपूर्ण भी साबित होने लगी है। नगर परिषद द्वारा जारी किए गए फरमान के तहत कई व्यापारियों, आम नागरिकों ने 25 फुट अतिक्रमण खुद से हटवा लिया था। अब 16 मई से शुरू हुए अतिक्रमण हटाओ अभियान में 18 फुट अतिक्रमण तोड़ने के फैसले से असंतोष भी पनप रहा है। विजयराघवगढ़ के वार्ड क्रमांक 10 निवासी धीरज साहू पिता लल्लू साहू ने कार्यवाही को दोषपूर्ण बताते हुए मुआवजे की मांग की है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगर परिषद विजयराघवगढ़ को लिखित आवेदन देकर पीड़ित ने सवाल खड़े कर दिए हैं। फरियादी ने आवेदन के माध्यम से कहा है कि कार्यालय नगर परिषद विजयराघवगढ़ के नोटिस सूचना पत्र क्रमांक- 1412
दिनांक- 20.03.2017, द्वितीय नोटिस सूचना पत्र क्रमांक 107 दिनांक- 28.04.2025, तृतीय नोटिस सूचना पत्र दिनांक- 05.02.2026 के अनुसार रोड के मध्य से 25, 25 फुट अतिक्रमण तोड़ा जाना था। नगर परिषद द्वारा दी गई नोटिस एवं चिन्हित किये गये स्थल को मैन रोड के मध्य से 25 फुट तक खाली कर दिया गया है किंतु इसके बाद नगर परिषद द्वारा शुरू की गई कार्यवाही में मैन रोड के मध्य से 18 फुट तक का अतिक्रमण हटवाया गया, जबकि उसके पहले आपने मैन रोड के मध्य से 25 फुट चिन्हित किया था। धीरज साहू का कहना है कि हमने नगर परिषद द्वारा जारी नोटिस के अनुसार मेन रोड के मध्य से 25 फुट तक का अतिक्रमण हटा लिया था। 18 फुट में हमारे मकान का कोई भी अंश नहीं टूट रहा था। आपके द्वारा जारी पूर्व नोटिस के कारण हमें लगभग 2,50,000-00 रू. का नुकसान हुआ है। फरियादी ने लिखित आवेदन के माध्यम से निवेदन किया है कि पूर्व में प्रेषित नोटिस से हुई क्षतिपूर्ति की राशि नगर परिषद द्वारा प्रदान करायी जावे अथवा पूर्व के नोटिस अनुसार मेन रोड के मध्य से 25 फुट तक के अतिक्रमण को हटवाया जावे। आखिर अचानक किसके आदेश पर 25 फुट से 18 फुट अतिक्रमण तोड़े जाने के आदेश तैयार हो गए यह प्रश्नचिन्ह उठना लाजिमी ही है।
इनका कहना है:
पूर्व में 25 फुट अतिक्रमण हटाया जाना था लेकिन नजप्रतिनिधियों, व्यापारियों, आम नागरिकों और प्रशासन की बैठक में 18 फुट अतिक्रमण तोड़ने का निर्णय लिया गया था, उसी के आधार पर कार्यवाही की जा रही है।
मनीष परते, सीएमओ
नगर परिषद विजयराघवगढ़









