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तेज तर्रार छवि और दबंग कार्यशैली के लिए वर्षों तक याद किए जाएंगे टी आई रितेश शर्मा

विजयराघवगढ़ थाने में रहा सबसे लंबा कार्यकाल, अपराधियों के लिए खौफ का पर्याय थे थाना प्रभारी

संदेश जगत कटनी। विजयराघवगढ़ थाने में पदस्थ रहे थाना प्रभारी निरीक्षक रितेश शर्मा के स्थानांतरण के बाद आपराधिक तत्वों, छुटभैयों और नंबर दो के कामों में संलिप्त लोगों ने मन में भले ही खुशियों के ढोल पीटने शुरू कर दिए हों लेकिन, एक बात तो तय है कि अपनी तेज तर्रार छवि और दबंग कार्यशैली के लिए निश्चित ही सालों साल याद किए जाएंगे। निरीक्षक रितेश शर्मा ने न सिर्फ अपनी अलग कार्यशैली का लोहा मनवाया बल्कि अपराधियों में खौफ भी भरने का काम किया। तेज तर्रार मिजाज के कारण छुटभैयों को कभी उन्होंने तवज्जो नहीं दिया। वहीं अपराधों पर भी खासा अंकुश लगाने की भूमिका निरीक्षक रितेश शर्मा ने बेहतर भूमिका निभाई। नंबर दो के कामों से आय अर्जित करने वालों के लिए श्री शर्मा दहशत का पर्याय थे यह कहना गलत नहीं होगा। वो बात अलग है कि छुटभैयों को महत्व न मिलने और कई बार फटकार मिलने के बाद निरीक्षक श्री शर्मा आंखों में खटकने लगे थे और उनके स्थानांतरण के लिए हाथ पैर भी मारने से नहीं चूके लेकिन सारे प्रयास विफल रहे। श्री शर्मा के स्थानांतरण के तत्काल बाद कुछ लोग दंभ भरने लगे हैं कि उनकी क्षमता और पहुंच पकड़, शिकायत के कारण निरीक्षक रितेश शर्मा का स्थानांतरण हो गया। जबकि सही मायने में देखा जाए तो अब तक जितने भी टी आई विजयराघवगढ़ थाने में आए उन सबमें सबसे अधिक लंबा कार्यकाल विजयराघवगढ़ थाने में निरीक्षक रितेश शर्मा का था। उन्होंने कई अंधे हत्याकांड की वारदातों से पर्दा उठाने में सफलता हासिल किया। वहीं मादक पदार्थों के विरुद्ध भी बड़ी कार्यवाही उनके द्वारा की गईं। वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो विजयराघवगढ़ में अधिक समय होने के कारण विभागीय प्रक्रिया के तहत श्री शर्मा का स्थानांतरण किया गया है।

(अजय त्रिपाठी)

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