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भरभरा कर गिरी पुराने स्कूल भवन की जर्जर बाउंड्रीवॉल, दबने से मासूम छात्र की मौत

कैमोर के बम्हनगंवा में घटना से आक्रोश, स्कूल के जिम्मेदारों की लापरवाही हुई उजागर, छिन गया मां का सहारा, विधायक ने कहा दिल को झकझोर देने वाली घटना 

संदेश जगत कटनी। कैमोर थाना क्षेत्र के ग्राम बम्हनगवां स्थित शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शाला के पुराने भवन की जर्जर बाउंड्रीवॉल गिरने से कक्षा पांचवीं में अध्ययनरत 10 वर्षीय छात्र चपेट में आ गया, जिसकी अस्पताल पहुंचने से पूर्व मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना ने स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोलने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वहीं कक्षाओं के संचालन के दौरान छात्र जर्जर बाउंड्रीवॉल की तरफ चला गया जिससे कहीं न कहीं शाला में मौजूद शिक्षकों की लापरवाही का भी प्रमाण मिल रहा है।
नहीं मिली एम्बुलेंस, ऑटो से लेकर पहुंचे अस्पताल

घटना के संबंध में हासिल जानकारी अनुसार रपटा मोहल्ला निवासी राजकुमार बर्मन पिता स्वर्गीय महेंद्र बर्मन, उम्र 10 वर्ष, बम्हनगवां स्थित शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शाला में कक्षा पांचवीं का छात्र था। बुधवार को लगभग साढ़े 11 बजे पुराने स्कूल भवन के पास बने शौचालय के समीप पहुंच गया। इसी दौरान स्कूल की जर्जर बाउंड्री वॉल अचानक भरभरा कर गिर पड़ी। वहां मौजूद मासूम राजकुमार उसकी चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। अन्य बच्चों द्वारा जानकारी दिए जाने पर राजकुमार को मलबे से बाहर निकाला गया और लोगों द्वारा एम्बुलेंस की सहायता मांगी गई। समय पर एम्बुलेंस नहीं पहुंची जिसकी वजह से मजबूरी में छात्र को गंभीर हालत में ऑटो से विजयराघवगढ़ शासकीय अस्पताल ले जाया गया। यहां नब्ज टटोलते हो बीएमओ डॉक्टर विनोद कुमार ने छात्र को मृत घोषित कर दिया।

एक वर्ष पहले हो चुकी थी पिता की मौत

स्थानीय जनों ने बताया कि दुर्घटना में मृत हुए छात्र राजकुमार बर्मन के पिता का एक वर्ष पहले बीमारी की वजह से निधन हो चुका था। बालक की मां घरों में काम करके और शाम को फुल्की-चाट बेचकर उसका और उसकी बहन यानी बेटा, बेटी का लालन पोषण करती है। अब इस हादसे ने उससे उसका इकलौता सहारा भी छीन लिया।

लापरवाही और नजरअंदाजी ने की मासूम की जान

इस घटना से परिजनों और ग्रामीणों में खासा आक्रोश पनप गया। लोगों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया और कार्यवाही की मांग पर अड़े रहे। लोगों का आरोप था कि बम्हनगवां में संचालित बीएमजी माइंस के समीप ही स्कूल है। माइंस में होने वाली ब्लास्टिंग के कारण दीवारें कमजोर हो चुकी हैं। दूसरी बात जर्जर और अनुपयोगी हो चुके स्कूल भवन को डिस्मेंटल कराने में जिम्मेदार अधिकारियों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। जर्जर बाउंड्रीवॉल को दुरुस्त करने की आवश्यकता भी विभाग के अधिकारियों को महसूस नहीं हुई। इसी लापरवाही का खामियाजा एक मासूम को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा। मृत बालक की मां को उचित मुआवजे की राशि, भरण पोषण के लिए रोजगार और घटना के लिए दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग मृत बालक के परिजनों और ग्रामीणों द्वारा की गई।

विधायक ने व्यक्त किया गहरा दुख, कहा पहले ही चेताया था प्रशासन को

इस घटना की खबर मिलने के बाद विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह घटना हृदय को झकझोर देने वाली है। श्री पाठक ने बताया 12 फरवरी को हुई डीएनएस की बैठक में उनके द्वारा प्रशासन को चेताया भी गया था और आग्रह किया गया था कि क्षेत्र में जितने भी जर्जर स्कूल भवन, बाउंड्रीवॉल हैं उन्हें डिस्मेंटल कराया जाए। इस घटना ने प्रशासनिक उदासीनता का प्रमाण देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। श्री पाठक ने कहा कि स्कूल में नए शौचालय होने के बावजूद बच्चा पुराने स्कूल भवन के पास कैसे पहुंचा यह विचारणीय है। विधायक संजय सत्येंद्र पाठक द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पूरे घटनाक्रम की विधिवत जांच कराते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें। श्री पाठक द्वारा 25 हजार की आर्थिक सहायता मृत बालक की मां को देने की बात कही। उन्होंने कहा कि पैसे से जिंदगी वापस नहीं होगी लेकिन कुछ सहयोग राशि मृत बालक की बहन की पढ़ाई के काम आ सकेगी क्योंकि उसकी मां स्वयं आर्थिक तंगी से जूझते हुए परिवार पाल रही है। दुखी परिवार की यथोचित मदद करने की बात श्री पाठक द्वारा कही गई।

समझाइश के बाद शांत हुआ लोगों का गुस्सा

घटना से आक्रोशित लोगों ने प्रदर्शन की ओर रुख किया लेकिन मौके पर मौजूद एसडीएम विवेक गुप्ता द्वारा जांच और कार्यवाही के आश्वासन देने के साथ ही उचित मुआवजा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करने की बात कही गई और समझाइश दी गई जिसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। एसडीएम के निर्देश पर डॉक्टर विनोद द्वारा रेडक्रॉस से 10 हजार की सहायता राशि परिजनों को सौंपी गई। सिविल अस्पताल में नगर पंचायत उपाध्यक्ष हरिओम बर्मन, नायब तहसीलदार श्री वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरि, बीईओ एके कोरी, बीआरसीसी सीएस मरकाम, कैमोर थाना प्रभारी निरीक्षक आशीष शर्मा, विजयराघवगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक रितेश शर्मा सहित पुलिस स्टॉफ मौजूद था।

 

अजय त्रिपाठी 

 

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