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डोनर मोटिवेटर प्रशिक्षण कार्यक्रम में सम्मानित हुई राहत समर्पण सेवा समिति

रक्तदान के क्षेत्र ने उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला सम्मान

संदेश जगत कटनी। डोनर मोटिवेटर प्रशिक्षण कार्यक्रम में शासकीय नेताजी सुभाष चंद्रबोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर में राहत समर्पण सेवा समिति को रक्तदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉक्टर नवनीत सक्सेना, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ ऋतु शुक्ला सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे। इस अवसर पर राहत समर्पण सेवा समिति के विकास निर्देशक चन्द्रभान पाल को संस्था के निरंतर रक्तदान कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। राहत समर्पण सेवा समिति पिछले तीन वर्षों से राहत रक्तदान निःस्वार्थ सेवा परिवार के माध्यम से पूरे मध्यप्रदेश में सतत रक्तदान अभियान चला रही है। इस वर्ष 500 यूनिट से अधिक रक्तदान कराया जा चुका है तथा सैकड़ों जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराकर जीवनरक्षा की गई है। इसी क्रम में विश्व एनजीओ दिवस के अवसर पर समिति के अध्यक्ष शारदा प्रसाद साहू द्वारा विजयराघवगढ़ के जिजनौडी विद्यालय में बच्चों के साथ एनजीओ दिवस मनाया गया। इस दौरान बच्चों को शिक्षा, स्वच्छता, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक जागरूकता के प्रति प्रेरित किया गया तथा शैक्षणिक सामग्री वितरित कर सेवा का संदेश दिया गया। उल्लेखनीय है कि शारदा प्रसाद साहू स्वयं 14 बार रक्तदान कर चुके हैं और उनका लक्ष्य अपने जीवनकाल में 100 यूनिट रक्तदान करने का है। उनका कहना है कि रक्तदान करने से शरीर में खून की कमी नहीं होती बल्कि कुछ ही समय में शरीर पुनः नई रक्त कोशिकाएँ बना लेता है चिकित्सकों ने कार्यक्रम में बताया कि रक्तदान महादान है। एक यूनिट रक्त से तीन लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। दुर्घटना, प्रसव, बड़ी सर्जरी, थैलेसीमिया एवं गंभीर बीमारियों में रक्त जीवनदायी सिद्ध होता है। नियमित स्वैच्छिक रक्तदान से हृदय स्वास्थ्य बेहतर रहता है, आयरन संतुलन नियंत्रित रहता है तथा दाता का स्वास्थ्य परीक्षण भी होता है। सामान्यतः स्वस्थ व्यक्ति 3 से 4 माह के अंतराल में सुरक्षित रूप से रक्तदान कर सकता है। यह सम्मान न केवल संस्था का बल्कि उन सभी रक्तदाताओं स्वयंसेवकों और सहयोगियों का है जो निःस्वार्थ भाव से मानव सेवा में समर्पित हैं। राहत समर्पण सेवा समिति ने संकल्प लिया है कि भविष्य में भी रक्तदान जागरूकता अभियान को और अधिक व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा, ताकि हर जरूरतमंद को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके कार्यक्रम में समिति की ओर से सचिव कार्तिकेय तिवारी, देवांश दुबे, शोभित तिवारी, डॉ आदेश्वर मिश्रा व अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति थी।

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