अदाणी फाउंडेशन द्वारा संचालित एकीकृत पशुधन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम झिरिया में उन्नत पशु वत्स प्रदर्शनी का हुआ आयोजन

सात ग्रामों से 25 उन्नत नस्ल के वत्स ने लिया हिस्सा, पशुपालकों को किया गया पुरस्कृत

संदेश जगत कटनी। पशुधन में उन्नत नस्ल की जागरूकता को ध्यान में रखकर उन्नत नस्ल प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन ग्राम झिरिया में सफलतापूर्ण किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अथिति के रूप में उप निदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग (जिला कटनी) डॉ. आर. के सोनी रहे। अन्य अतिथियों में विकासखण्ड पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी विजयराघवगढ़, डॉ. जे. पी. लखेरा, अमेहटा सीमेंट वर्क्स के हेड एच.आर. नितिन बत्रा, बीजेपी विजयराघवगढ़ मंडल अध्यक्ष श्रीराम सोनी, सरपंच झिरिया सुरेन्द्र उरमलिया, सरपंच खरखरी श्रीमती गोमती पटेल, उपसरपंच नन्हवाराकला अरुण बागरी व खरखरी से जमुना प्रसाद पटेल उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रारूप क्लस्टर हेड – अदाणी फाउंडेशन, श्रीमती ऐनेट बिश्वास के निर्देशन में तय किया गया जिसे अदाणी फाउंडेशन एवं बायफ टीम ने मिलकर सफल बनाया। कार्यक्रम में झिरिया से लगे 7 ग्रामों से 25 उन्नत नस्ल की बछिया (वत्स) ने भाग लिया जिसमे 3 सबसे वत्स उन्नत वत्स का चयन मुख्य अतिथि उप निदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग (जिला कटनी) डॉ. आर. के सोनी, विकासखण्ड पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी विजयराघवगढ़, डॉ. जे. पी. लाखेर एवं अमेहटा सीमेंट वर्क्स के हेड एच.आर. नितिन बत्रा व सरपंच झिरिया सुरेन्द्र उरमलिया के मार्गदर्शन में किया गया एवं पशुपालकों को प्रोत्साहन स्वरुप पुरस्कृत भी किया गया। प्रथम स्थान में ग्राम नन्ह्वाराकलां से पशुपालक रामानुज पांडे की 2 माह की गीर नस्ल की बछिया ने प्राप्त किया। दूसरा स्थान ग्राम कलेहरा से पशुपालक जगदीश यादव की भैस वत्स ने प्राप्त किया एवं तीसरा स्थान ग्राम खरखरी से पशुपालक श्री रामकिशन पटेल की गीर नस्ल की बछिया ने प्राप्त किया। अतिथियों से पुरुस्कार प्राप्त कर पशुपालक बहुत खुश थे। कार्यक्रम में प्रोत्साहित पशुपालकों को देखकर अन्य पशुपालकों में भी जागरूकता बनेगी।मुख्य अतिथि डॉ. आर. के सोनी ने पशुपालकों को उन्नत पशुपालन तकनीकी, टीकाकरण, पशुपोषण एवं आधुनिक डेयरी प्रबंधन पर विस्तृत जानकारी दी। साथ ही अदाणी फाउंडेशन और बयाफ संस्थान को उनके सराहनीय परियोजना के संचालन हेतु को बधाई और साधुवाद दिया। पशुपालन अधिकारी ने सभी देशी जानवरों में कृत्रिम गर्भाधान कराने का संकल्प कराया, साथ ही अदाणी फाउंडेशन के साथ मिल कर जनपद विजयराघवगढ़ के परियोजना गांवों में दूध को व्यवसायिक स्तर पर स्थापित करने हेतु मिल्क रूट और चीलिंग सेंटर को संचालित करने की सहमति प्रदान की।अदाणी फाउंडेशन कैमोर एवं अमेहटा सीमेंट वर्क्स द्वारा संचालित सी.एस.आर. कार्यक्रम के अंतर्गत महत्वाकांक्षी एकीकृत पशुधन विकास परियोजना दो पशुधन विकास केंद्रों (झिरिया एवं खलवारा) के माध्यम से 3 वर्षो से संचालित किया जा रहा है। इस परियोजना का क्रियान्वयन बायफ लाईव्लीहुड मध्यप्रदेश द्वारा किया जा रहा है। परियोजना का उद्देश्य पशुधन संवर्धन को बढावा देना हैं जिससे किसान की वार्षिक आय में इजाफा देखा जा सके। इस परियोजना में संचालित पशुधन विकास केंद्र की मुख्य सेवाएँ जैसे कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, हराचारा उत्पादन, पशुधन स्वास्थ्य एवं बाँझपन निवारण शिविर एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत परियोजना क्षेत्र में 3 वर्षों में 1860 कृत्रिम गर्भाधान किये जा चुके हैं जिसमे से 1422 सॉर्टेड सीमेन द्वारा किये गये हैं। अब तक 401 उन्नत नस्ल के वत्स जन्म ले चुके हैं। अदाणी फाउंडेशन द्वारा कृषि को लाभ का धंधा बनाने के साथ साथ उन्नत नस्ल के पशुधन को क्षेत्र में तैयार कर उसे व्यावसायिक स्तर पर स्थापित करना अत्यंत सराहनीय और स्वागतयोग्य कदम है।

 

 

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