बिजली के वायर से गला घोंटकर विधि विरुद्ध बालिका ने उतारा था युवक को मौत के घाट

संदेश जगत कटनी। रीठी थाना क्षेत्र के ग्राम खमरिया में हुए अंधे हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने 24 घंटे के अंदर सुलझाने में सफलता हासिल कर लिया है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉक्टर संतोष डेहरिया व उप पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीम के द्वारा अंधे हत्याकांड से पर्दा उठा लिया गया है। यह तथ्य संबे आए हैं कि अपनी होने वाली ससुराल गए युवक की हत्या उसकी होने वाली पत्नी यानी विधि विरुद्ध बालिका द्वारा बिजली के वायर से गला घोंटकर की गई थी। पुलिस द्वारा विधि विरूद्ध बालिका को अभिरक्षा में लेकर किशोर न्याय बोर्ड पेश किया गया। गौरतलब है कि 11 फरवरी को ग्राम खमरिया में एक 19 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध अवस्था में मिलने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लाश को अधिकार में लेकर जांच शुरू की जिस दौरान मृतक की शिनाख्त सुनील भुमिया पिता रमेश भुमिया उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम परसवारा, थाना विजयराघवगढ के रूप में हुई। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हुआ था। घटना स्थल का उप पुलिस अधीक्षक रत्नेश कुमार मिश्रा द्वारा निरीक्षण किया गया एवं संदिग्ध परिस्थितियों युवक की मृत्यु होने से मामले में गंभीरता से जांच कार्यवाही की गई घटना स्थल पर एफएसएल टीम द्वारा निरीक्षण किया गया। मृतक का शव परीक्षण कराने उपरांत अंतिम संस्कार के लिए शव परिजनों के सुपुर्द करने के साथ ही मर्ग प्रकरण दर्ज कर पुलिस द्वारा विवेचना शुरू की गई थी। बताने योग्य है कि पोस्टमार्टम के दौरान डाॅक्टर द्वारा मृतक की मृृत्यु किसी चीज से गला घोटे जाने के कारण होना बताया गया था। पुलिस द्वारा की गई विवेचना में पाया गया कि मृतक दिनांक 10.02.26 की रात अपने होने वाली ससुराल गया था जहां शराब आदि का सेवन करने के बाद उसका होने वाली पत्नि विवि विरूद्ध बालिका से झगडा हुआ था। विवाद के दौरान ही विधि विरूद्ध बालिका द्वारा बिजली के वायर से सुनील भुमिया का गला घोंट दिया गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई थी।मामले में विधि विरूद्ध बालिका के अभिरक्षा में लेकर किशोर न्यायालय पेश किया गया। उपरोक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी रीठी निरीक्षक मोहम्मद शाहिद, उनि. दिनेश चैहान, सउनि. जयचंद, प्रआर अजय मेहरा, राम पाठक, ओमशंकर शुक्ला, आर. नितेश दुबे, ज्ञानेंद्र, समशेर, शहंशाह, विजय, अमन, एवं चालक जफर खान का विशेष योगदान रहा।









