बारिश ने बरपाया कहर, श्मशान भूमि के पास स्थित कच्चा मकान भरभरा कर हुआ धराशाई, बाल बाल बचा 2 साल का मासूम और पूरा परिवार
मलबे में दबकर नष्ट हो गया गृहस्थी का सामान और राशन सामग्री, प्रशासन से मदद की गुहार
संदेश जगत कटनी। जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के चलते कावसजी वार्ड में श्मशान भूमि के पास एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। लगातार बारिश के कारण नमी और सीपेज की वजह से एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर धराशायी हो गया। हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य घर के भीतर ही मौजूद थे। गनीमत रही कि समय रहते 2 वर्षीय मासूम शुभांशु समेत पूरे परिवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।पीड़ित अजित चौधरी उर्फ पप्पू चौधरी (27) मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते हैं। परिवार में उनकी पत्नी और बच्चों क्रमशः प्रीति चौधरी, शोभा चौधरी, नीलू चौधरी और 2 वर्ष का शुभांशु सहित अन्य सदस्य शामिल हैं। सुबह के समय जब बारिश तेज थी, तभी अचानक दीवारें ढह गईं। मकान गिरने से घर का पूरा घरेलू राशन और सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया, जिससे परिवार के सामने अब रहने और खाने-पीने का गहरा संकट खड़ा हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही पूर्व पार्षद राजेश जाटव तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर मलबे से सामान और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। हालांकि, पीड़ित परिवार और पूर्व पार्षद ने शासन-प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जाहिर की है। उनका आरोप है कि हादसे की सूचना दिए जाने के काफी देर बाद तक भी कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर स्थिति का जायजा लेने नहीं पहुंचा। लगातार हो रही बारिश के बीच आशियाना छिन जाने से परिवार अब खुले आसमान के नीचे आ गया है। मकान मालिक अजित चौधरी ने कहा कि मैं मजदूरी करके परिवार चलाता हूं। सब कुछ खत्म हो गया है। प्रशासन जल्द से जल्द मौके का निरीक्षण करे और हमें अस्थायी सुरक्षित आवास व आर्थिक सहायता प्रदान करे। पूर्व पार्षद राजेश जाटव का कहना था कि प्रशासन को तुरंत हरकत में आकर प्रभावित परिवार को राहत सामग्री और सुरक्षित स्थान पर ठहराने का प्रबंध करना चाहिए।
फिलहाल, पीड़ित परिवार इस बारिश में शासन और प्रशासन से मिलने वाली तात्कालिक राहत और मुआवजे का इंतजार कर रहा है।










